बिज़नेस Archives - Gaon Live News https://gaonlivenews.com/category/business/ www.gaonlivenews.com Thu, 05 Mar 2026 06:12:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 कोहराम के बाद बाजार में रैली, क्या खत्म होने वाली है जंग? तेजी के पीछे ये 3 वजहें https://gaonlivenews.com/the-market-rallied-after-the-chaos-is-the-war-about-to-end-these-are-three-reasons-behind-the-surge/ https://gaonlivenews.com/the-market-rallied-after-the-chaos-is-the-war-about-to-end-these-are-three-reasons-behind-the-surge/#respond Thu, 05 Mar 2026 06:12:00 +0000 https://gaonlivenews.com/668 मुंबई

तीन कारोबारी सत्र के दौरान शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन गुरुवार को शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. सेंसेक्‍स 440 अंक या 0.56 फीसदी चढ़कर 79555 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 160 अंक या 0.65 फीसदी चढ़कर 24640 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी बैंक में भी 220 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा था। 

BSE टॉप 30 शेयरों की बात करें तो 16 शेयरों में उछाल है और बाकी 14 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. सबसे ज्‍यादा गिरावट हिंदुस्‍तान यूनिलीवर और आईटी शेयरों में आई है. वहीं रिलायंस 3 फीसदी, एनटीपीसी 2.40 फीसदी और टाटा स्‍टील के शेयर में 2 फीसदी की उछाल है. यह तेजी मिडिल ईस्‍ट में छिड़ी जंग के बीच आया है. ऐसे में कई निवेशक ये कयास लगा रहे हैं कि युद्ध खत्‍म हो सकता है. आइए जानते हैं आज शेयर बाजार में इतनी तेजी क्‍यों आई है। 

क्‍यों आई शेयर बाजार में उछाल? 

    एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में काफी गिरावट आ चुकी है. पिछले तीन दिनों में निवेशकों की वैल्‍यू में 22 लाख करोड़ रुपये साफ हो चुके हैं. इस कारण निचले लेवल से खरीदरी बढ़ी है. निवेशकों ने अच्‍छे और लार्जकैप शेयरों में ज्‍यादा दांव लगाया है।     एशियाई बाजार में भी तेजी रही है. जापान के शेयर बाजार में 2.50 फीसदी की तेजी आई है. अमेरिकी मार्केट में भी मिला-जुला असर दिखाई दिया है. इसके अलावा साउथ कोरिया के मार्केट में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है. इधर, डॉलर की तुलना में रुपया 51 पैसा रिकवर होकर 91.54 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच चुका है। 

    इंडिया VIX डर का सूचकांक या अस्थिरता सूचकांक लगभग 10 प्रतिशत गिरकर 19.04 के स्तर पर आ गया. वहीं तकनीकी नजरिए से देखें तो जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स का कहना है कि जंग के बीच काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन गैप भरने के तुरंत बाद समापन के समय हुई भारी गिरावट ने कुछ तेजी को कम कर दिया. हालांकि, 24450 के आसपास बंद होने से सकारात्मक रुझान बना हुआ है. हम 24840 का स्तर देख रहे हैं, लेकिन 24625 को एक बड़ी बाधा मानते हैं. दूसरी ओर, 24370 से नीचे फिसलने पर 24000-23550 के स्तर तक पहुंचने की संभावनाएं फिर से बन सकती हैं. अभी बाजार में गिरावट की संभावना कम है।  इन सेक्‍टर्स में मजबूती
सिर्फ एफएमजीसी, आईटी और टेलिकॉम सेक्‍टर्स में गिरावट देखी जा रही है, बाकी के सेक्‍टर्स में शानदार तेजी है. ऑयल एंड गैस सेक्‍टर में 3.30 फीसदी की तेजी है, जबकि निफ्टी फार्मा में 1 फीसदी की तेजी है. इसके बाद ऑटो, बैंक और फाइनेंस सेक्‍टर में भी अच्‍छी तेजी है। 

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Mercedes-Benz CLA इलेक्ट्रिक सेडान आई, 792 किमी रेंज और बुकिंग 10 मार्च से https://gaonlivenews.com/the-mercedes-benz-cla-electric-sedan-has-arrived-with-a-range-of-792-km-and-bookings-open-from-march-10/ https://gaonlivenews.com/the-mercedes-benz-cla-electric-sedan-has-arrived-with-a-range-of-792-km-and-bookings-open-from-march-10/#respond Thu, 05 Mar 2026 04:52:00 +0000 https://gaonlivenews.com/690 मुंबई 

लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने आखिरकार भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित Mercedes-Benz CLA इलेक्ट्रिक सेडान को पेश कर दिया है. इसकी बुकिंग 10 मार्च से शुरू होगी, जिसके बाद अप्रैल में इस कार को लॉन्च किया जाएगा.

बता दें कि नई Mercedes-Benz CLA, कंपनी के एंट्री-लेवल मॉडल्स की लाइन-अप में ICE A-Class Limousine के साथ-साथ EQA और EQB EVs की जगह लेगी. ऐसा पहली बार है, जब यह नेमप्लेट फुली इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ आएगी, क्योंकि साल 2020 की शुरुआत में बंद होने से पहले, यह कम्बशन-पावर्ड थी. फिलहाल कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है.

2026 Mercedes-Benz CLA Electric की रेंज और स्पेसिफिकेशन
नई CLA EV के स्पेसिफिकेशन की बात करें तो इसमें 800-वोल्ट का इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर इस्तेमाल किया गया है, और इसका बेस 85kWh 250+ वेरिएंट WLTP साइकिल पर 792km की रेंज देने का दावा करता है, जिसे भारतीय बाजार में उतारा जाएगा.

इसकी मज़बूत रेंज काफ़ी हद तक CLA इलेक्ट्रिक की 93 प्रतिशत ड्राइवट्रेन एफिशिएंसी की वजह से है, जिसे इसके एयरोडायनामिक डिज़ाइन और ऑप्टिमाइज़्ड एनर्जी कंजम्प्शन से मदद मिलती है. खास बात यह है कि अब इसका ग्राउंड क्लीयरेंस ज़्यादा है, और इसके सस्पेंशन को सड़क की कंडीशन के हिसाब से खास तौर पर ट्यून किया गया है.

एक और खास बात यह है कि इसमें दो-स्पीड गियरबॉक्स लगाया गया है, जैसा कि Porsche Taycan जैसे मॉडलों में देखने को मिलता है, जबकि ज़्यादातर EVs में आम तौर पर सिंगल-स्पीड रिडक्शन यूनिट होती है. कार में लगी पीछे वाली इलेक्ट्रिक मोटर 272hp की पावर देती है, जिससे CLA 250+ सिर्फ 6.7 सेकंड में 100kph की स्पीड पकड़ सकती है.

वहीं चार्जिंग की बात करें तो, यह सिस्टम 240kW तक की हाई-स्पीड DC फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है, और कंपनी का दावा है कि सही हालात में सिर्फ़ 20 मिनट में इसकी बैटरी 400km की रेंज तक चार्ज हो सकती है.

2026 Mercedes CLA Electric का एक्सटीरियर डिजाइन
नई CLA के डिजाइन की बात करें तो इसमें लाइटिंग एलिमेंट्स में Mercedes के तीन पॉइंट वाले स्टार लोगो पर खास ध्यान दिया गया है. स्टार मोटिफ हेडलाइट्स, टेल-लाइट्स और 142 छोटे बैकलिट स्टार्स वाली सील्ड-ऑफ फ्रंट ग्रिल में भी मौजूद है.

बंपर के डिज़ाइन पर नजर डालें तो यह साफ़ और एयरो-फोकस्ड है, जो इसकी एफिशिएंसी-फर्स्ट अप्रोच के हिसाब से है, और इसमें छोटे एयर इनलेट भी दिए गए हैं, जो कार के कोनों पर एयरफ्लो को आसानी से गाइड करने में मदद करते हैं.

साइड प्रोफ़ाइल की बात करें, तो इस सेडान में फ़्लश डोर हैंडल और 18-इंच के व्हील्स के साथ एक स्लीक, कूपे जैसा सिल्हूट दिया गया है. बड़ी पैनोरमिक ग्लास रूफ गर्म मौसम के लिए सही हीट-प्रोटेक्टिव कोटिंग के साथ आती है. अपने पिछले मॉडल से 30mm लंबी, 25mm चौड़ी और 25mm ऊंची होने के बावजूद, स्मूद सरफेसिंग और बेहतर एयरफ़्लो मैनेजमेंट EV को 0.21 का कम ड्रैग कोएफ़िशिएंट पाने में मदद करते हैं.

रियर प्रोफाइल की बात करें तो इसमें पीछे की तरफ, टेल-लाइट्स के बीच एक पूरी चौड़ाई वाली लाइट बार लगाई गई है. इसके उपलब्ध एक्सटीरियर शेड्स के तौर पर क्लियर ब्लू, कॉस्मिक ब्लैक, पोलर व्हाइट, एल्पाइन ग्रे और पेटागोनिया रेड कलर शामिल हैं, जिनमें से आखिरी दो मैन्युफ़ैक्चर ऑप्शन हैं.

2026 Mercedes CLA Electric का इंटीरियर और फीचर्स
चूंकि भारतीय बाजार में CLA 250+ वेरिएंट उतारा जाएगा, इसलिए इसमें कंपनी का ट्रिपल-डिस्प्ले सुपरस्क्रीन नहीं दिया जाएगा. इसके बजाय, केबिन में 10.25-इंच का ड्राइवर डिस्प्ले और मर्सिडीज़ के लेटेस्ट MB.OS ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाला 14-इंच का सेंट्रल टचस्क्रीन होगा.

वहीं पैसेंजर डिस्प्ले की जगह, LED-बैकलिट स्टार लोगो वाला एक ग्लास पैनल लगाया जाएगा, जो एम्बिएंट लाइटिंग के साथ सिंक होगा. यह कार ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट को भी सपोर्ट करेगी. इसके अलावा, इसमें वायरलेस चार्जिंग और छह 100W USB-C फास्ट-चार्जिंग पोर्ट स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं, और पीछे की सीटें 40:20:40 के अनुपात में बांटी गई हैं.

2026 Mercedes CLA Electric के सेफ्टी फीचर्स
वैसे तो Mercedes CLA इलेक्ट्रिक का Bharat NCAP द्वारा क्रैश-टेस्ट अभी बाकी है, लेकिन इसे 2025 में Euro NCAP द्वारा पूरी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग दी गई थी. फ्रंट और साइड एयरबैग के अलावा, इसमें एक सेंटर एयरबैग, साथ ही कैमरा- और रडार-बेस्ड लेवल 2 ADAS भी होगा.

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नई इलेक्ट्रिक हैचबैक से विदेशी कंपनी का धमाका, फीचर्स में होंगे शानदार बदलाव, पंच और टियागो ईवी की टेंशन बढ़ेगी https://gaonlivenews.com/a-foreign-company-is-making-a-splash-with-its-new-electric-hatchback-with-significant-changes-in-features-raising-the-stakes-for-the-punch-and-tiago-evs/ https://gaonlivenews.com/a-foreign-company-is-making-a-splash-with-its-new-electric-hatchback-with-significant-changes-in-features-raising-the-stakes-for-the-punch-and-tiago-evs/#respond Wed, 04 Mar 2026 13:42:00 +0000 https://gaonlivenews.com/612 मुंबई 

विनफास्ट (Vinfast) इंडियन मार्केट में अपनी पकड़ को मजबूत कर रही है। कंपनी जल्द ही Limo Green इलेक्ट्रिक को मार्केट में लॉन्च करने वाली है। इसके साथ ही कंपनी इलेक्ट्रिक हैचबैक सेगमेंट में भी नया प्रोडक्ट लाने की सोच रही है। इस इलेक्ट्रिक हैचबैक का नाम VF5 है। विनफास्ट की इस इलेक्ट्रिक हैचबैक की टक्कर टाटा टियागो ईवी और पंच ईवी से होगी। कंपनी इस भारत में लॉन्च होने वाली यह ईवी कई देशों में पहले से सेल हो रही है। आइए डीटेल में जानते हैं इसके बारे में।

VF5 की लंबाई 3967 मिमी, चौड़ाई 1723 मिमी, ऊंचाई 1579 मिमी और वीलबेस 2514 मिमी है। यह Punch.EV के मुकाबले जरा सी बड़ी है। हालांकि, इसकी चौड़ाई और ऊंचाई थोड़ी कम है। ग्लोबल मार्केट में ऑफर की जा रही VF5 का ग्राउंड क्लीयरेंस 169 मिमी है। भारतीय वर्जन में यह थोड़ा बढ़ सकता है। बूट स्पेस 260 लीटर है, जिसे 900 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। पीछे की सीटों में 60:40 स्प्लिट-फोल्डिंग फंक्शन दिया गया है। VF5 में ब्रैंड का सिग्नेचर फ्रंट फेसिया, फ्लेयर्ड वील आर्च, ब्लैक बॉडी क्लैडिंग, एलईडी लाइटिंग, 17 इंच के वील (वियतनामी वेरिएंट में) और कई सारे फीचर्स मिलते हैं। कुल मिलाकर इसका डिजाइन एसयूवी जैसा लगता है।

ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध VF5 पांच सीटों वाली कार है। Vinfast के बाकी मॉडल्स की तरह इसका इंटीरियर भी मॉडर्न और मिनिमलिस्टिक डिजाइन वाला है। इसमें सिल्वर एक्सेंट के साथ ऑल-ब्लैक थीम का यूज किया गया है। स्टीयरिंग वील तीन स्पोक वाला है और इसमें कंट्रोल बटन लगे हुए हैं। कार के ग्लोबल मॉडल में PM 2.5 एयर फिल्टर, 7 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 4 स्पीकर वाला साउंड सिस्टम, लेदरेट सीट्स, कीलेस एंट्री और गो, ऑटो हेडलाइट्स, वॉइस कमांड सपोर्ट और वायरलेस ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो के साथ 8 इंच का इंफोटेनमेंट यूनिट दिया गया है। हो सकता है कि इसके इंडियन वेरिएंट को कंपनी कुछ बदलावों के साथ लॉन्च करे।

326 किमी तक की रेंज
VF5 में दी जा रही बैटरी का साइज अलग-अलग मार्केट्स में अलग-अलग होता है। कुछ रीजन में यह 29.6 kWh की बैटरी के साथ उपलब्ध है, जिसकी NEDC रेंज प्रति चार्ज 268 किमी है। जबकि, बाकी रीजन में इसमें 37.23 kWh की बड़ी बैटरी मिलती है, जिसकी रेंज 326 किमी (NEDC) है।

छोटी बैटरी 33 मिनट से भी कम समय में 10 से 70 पर्सेंट तक चार्ज हो जाती है। छोटे बैटरी वाले वर्जन में 93hp/135Nm की इलेक्ट्रिक मोटर लगी है, जबकि दूसरे वर्जन का आउटपुट 134hp/135Nm है। 93hp (70kW) वाला वर्जन 0 से 100 kmph की स्पीड 14 सेकंड में पकड़ लेता है। 136hp वाला वर्जन यही काम 11 सेकंड से भी कम समय में कर पाता है।

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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच राहत, भारी तेजी के बाद थमा कच्चे तेल का रुख https://gaonlivenews.com/relief-amid-middle-east-tensions-crude-oil-prices-halt-after-a-massive-rally/ https://gaonlivenews.com/relief-amid-middle-east-tensions-crude-oil-prices-halt-after-a-massive-rally/#respond Tue, 03 Mar 2026 17:21:00 +0000 https://gaonlivenews.com/450 नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के जरिए आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच पिछले सत्र में 10 प्रतिशत से अधिक की तेज उछाल के बाद मंगलवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ कुछ स्थिरता देखी गई। अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव में 1.4 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई और यह 72.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 1.87 प्रतिशत बढ़कर शुरुआती कारोबार में 79.2 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। ईरान के जवाबी हमलों से तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई और महंगाई को लेकर चिंता गहरा गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब के तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया और रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को लेकर चेतावनी दी। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा घरेलू ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की घोषणा से सोमवार को आई घबराहट कुछ कम हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बताया कि ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट मंगलवार को बढ़ती ऊर्जा कीमतों से निपटने की योजना की घोषणा करेंगे।

हालांकि, वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को खतरा बना हुआ है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह मार्ग अस्थायी रूप से बंद भी होता है तो भारत कुछ समय तक स्थिति संभाल सकता है। लेकिन अगर जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो भारत को आपूर्ति के स्रोतों में और विविधता लानी होगी। बताया जा रहा है कि भारत पहले से ही रूस, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है।

निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि यदि पश्चिम एशिया में पूर्ण स्तर का संघर्ष होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति लंबे समय तक बाधित होती है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। एक अन्य हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जलडमरूमध्य में व्यवधान की स्थिति में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार भी जा सकता है।

अनुमान के मुताबिक, सीमित संघर्ष की स्थिति में तेल की कीमत में 5 से 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि ईरान के तेल ढांचे को सीधा नुकसान होने पर 10 से 12 डॉलर प्रति बैरल तक का इजाफा संभव है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमत में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी से भारत का वार्षिक आयात बिल करीब 2 अरब डॉलर बढ़ जाता है, जिससे व्यापार संतुलन पर दबाव पड़ता है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जबकि भारत के 40 प्रतिशत से अधिक कच्चे तेल आयात इसी मार्ग से आते हैं।

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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी या झटका? HRA दरों और शहरों की श्रेणी पर 8वें वेतन आयोग की नजर https://gaonlivenews.com/good-news-or-setback-for-central-employees-the-8th-pay-commission-is-looking-at-hra-rates-and-city-categories/ https://gaonlivenews.com/good-news-or-setback-for-central-employees-the-8th-pay-commission-is-looking-at-hra-rates-and-city-categories/#respond Tue, 03 Mar 2026 14:11:00 +0000 https://gaonlivenews.com/438 नई दिल्ली
केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। ये सिफारिशें लागू होने में करीब डेढ़ साल लग जाएंगे। इस वेतन आयोग से कर्मचारियों के संगठन की डिमांड शुरू हो गई है। कर्मचारियों के संगठन को बेसिक सैलरी से लेकर महंगाई भत्ते तक में बड़े बदलाव की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह वेतन आयोग केवल सैलरी बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह ग्रामीण और शहरी कर्मचारियों के बीच के अंतर को भी प्रभावित कर सकता है।

HRA (हाउस रेंट अलाउंस) का अंतर
आठवां वेतन आयोग HRA (हाउस रेंट अलाउंस) में बड़े संशोधन कर सकता है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में किराया, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च अपेक्षाकृत अधिक होते हैं। ऐसे में यदि HRA की दरों में संशोधन होता है तो शहरी कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके उलट, ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन-यापन की लागत कम होने के कारण वेतन वृद्धि का वास्तविक लाभ बचत के रूप में ज्यादा दिख सकता है।

सिटी कैटेगरी पर भी पड़ेगा असर?
आठवें वेतन आयोग में शहरों के कैटेगरी को लेकर भी अपडेट आ सकता है। बता दें कि 7वें वेतन आयोग में शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में बांटा गया था। अगर 8वां वेतन आयोग इस वर्गीकरण में बदलाव करता है, तो छोटे शहरों और कस्बों के कर्मचारियों को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। ट्रैवल अलाउंस यानी TA में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

क्या है डिमांड
हाल ही में National Council (स्टाफ साइड) की अहम बैठक में 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के केंद्र में वेतन संरचना, पदोन्नति नीति, वार्षिक वेतनवृद्धि और पेंशन सुधार जैसे विषय रहे। 8वें वेतन आयोग द्वारा वेबसाइट पर पूछे गए 18 सवालों के जवाब तय समयसीमा के भीतर भेजने पर सहमति बनी है। अगले 10 से 15 दिनों में सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को समेटते हुए एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना देसाई को सौंपा जाएगा।

पेंशन पर क्या डिमांड?
बैठक में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। संगठनों की मांग है कि कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए। प्रतिनिधियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की पुरानी मांग दोहराई।

कर्मचारी संगठनों ने प्रत्येक कर्मचारी को सेवा अवधि में कम से कम पांच पदोन्नति सुनिश्चित करने की मांग रखी। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत CGHS से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है। साथ ही इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

 

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ईरान संकट: 100 डॉलर के पार कच्चा तेल, पेट्रोल-डीजल पर क्या होगा असर? https://gaonlivenews.com/iran-crisis-crude-oil-crosses-100-what-will-be-the-impact-on-petrol-and-diesel/ https://gaonlivenews.com/iran-crisis-crude-oil-crosses-100-what-will-be-the-impact-on-petrol-and-diesel/#respond Tue, 03 Mar 2026 06:04:00 +0000 https://gaonlivenews.com/376 नई दिल्ली

क्या पश्चिम एशिया में छिड़ा नया सैन्य टकराव भारतीयों की जेब पर भारी पड़ने वाला है? ईरान पर हुए ताज़ा हमले के बाद होरमुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव चरम पर है और वैश्विक तेल बाज़ार में घबराहट साफ दिख रही है. ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है और आशंका है कि हालात बिगड़े तो कीमतें 100 डॉलर के पार जा सकती हैं | 

तेल के लिए 85–90 प्रतिशत तक आयात पर निर्भर भारत के लोगों के लिए यह बड़ा प्रश्न है कि क्या यहां पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ सकते हैं? आशंका तो यह भी है कि अगर हालात जल्दी ही ठीक नहीं हुए, तो ऑयल कंपनियां भाव में 12 से 14 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं | 

एक अच्छी बात यह भी है कि भारत ने अपने तेल आयात के दूसरे विकल्पों को फिर से टटोलना शुरू कर दिया है, ताकि आम लोगों पर किसी तरह का संकट न आए. भारत में रणनीतिक पेट्रोलियम रिवर्ज का बड़ा भंडार यह आश्वासन देता है कि संभवत: देश में पेट्रोल और डीजल के दाम न बढ़ें 

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि भारत का पेट्रोलियम रिजर्व 74 दिनों की मांग पूरी कर सकता है. इसमें ISPRL की SPR कैविटी, रिफाइनरी स्टॉक और फ्लोटिंग स्टोरेज शामिल हैं. ISPRL और PIB के डेटा के अनुसार, भारत के पास 5.33 MMT क्रूड ऑयल तीन भूमिगत भंडारों में है. विशाखापट्टनम, मंगलुरु और पदुर. SPR अकेले 9-10 दिन का स्टॉक है, लेकिन सभी तेल कंपनियों का कमर्शियल स्टॉक मिलाकर कुल 70-75 दिन का बफर बनता है. तो कुल मिलाकर, शायद ऐसा संकट नहीं आएगा कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम अनियंत्रित हो जाएं. फिर भी, पेट्रोल के दाम कैसे बढ़ते हैं, इस बारे में जान लेना आवश्यक है | 
कंपनियों के हाथ में है चाबी

भारत में पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतें सरकार तय करती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह से तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के हाथ में है. जून 2010 में सरकार ने पेट्रोल की कीमतों को और अक्टूबर 2014 में डीजल की कीमतों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त (De-regulate) कर दिया था. इसका मतलब कि सरकार का तेल की कीमतों पर कंट्रोल नहीं है.

अब तेल की कीमत हर सुबह 6 बजे बदलती है. 16 जून 2017 से भारत में डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग (Dynamic Fuel Pricing) लागू है. इसके तहत अब कीमतें 15 दिन में नहीं, बल्कि पिछले 15 दिनों के अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के औसत दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर हर रोज सुबह 6 बजे तय की जाती हैं | 
1 डॉलर बढ़ने पर आपकी जेब से कितना असर?

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बैरल में खरीदा जाता है, जबकि भारत में पेट्रोल-डीज़ल लीटर में बिकते हैं.
    एक बैरल में लगभग 159 लीटर कच्चा तेल होता है.
    जब कीमत 1 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती है, तो इसे 159 लीटर में बांटने पर प्रति लीटर करीब 0.006 डॉलर की बढ़ोतरी होती है.
    भारत तेल डॉलर में खरीदता है. अगर डॉलर का भाव 91 रुपये है, तो प्रति लीटर यह बढ़ोतरी लगभग 57 पैसे बैठती है.

यानी बाजार की आम धारणा के अनुसार, कच्चे तेल में 1 डॉलर की तेजी से खुदरा कीमतों में करीब 50 से 60 पैसे प्रति लीटर का इजाफा होता है. लेकिन संकट के समय अगर रुपया कमजोर होकर 92 या 93 रुपये तक पहुंच जाए, तो यह असर 65 पैसे या उससे अधिक भी हो सकता है. कच्चे तेल की तेजी और रुपये की गिरावट मिलकर ग्राहकों को दोहरा झटका देती है | 
100 डॉलर पर कितना बढ़ेगा बोझ?

    90 डॉलर प्रति बैरल: रिटेल कीमतों में करीब 5 से 6 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी संभव है.
    100 डॉलर प्रति बैरल: यह बढ़ोतरी 12 से 14 रुपये प्रति लीटर तक जा सकती है.
    110 डॉलर प्रति बैरल: पेट्रोल-डीज़ल 18 से 21 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं.

ये अनुमान केवल मूल गणित पर आधारित हैं. वास्तविक कीमतों में टैक्स जुड़ने के बाद असर और बढ़ जाता है.
पंप पर कीमत कैसे बनती है?

जब आप पेट्रोल पंप पर भुगतान करते हैं, तो आप सिर्फ तेल का पैसा नहीं दे रहे होते. भारत में पेट्रोल-डीजल की कुल कीमत का लगभग 40% से 50% हिस्सा सिर्फ टैक्स होता है| 

    बेस प्राइस: सबसे पहले कच्चे तेल की कीमत में समुद्री ढुलाई और इंश्योरेंस जैसी लागत जुड़ती है (रिफाइनरी ट्रांसफर प्राइस).
    केंद्र का टैक्स: इसके ऊपर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) जुड़ती है.
    डीलर का मुनाफा: फिर पेट्रोल पंप मालिक का कमीशन शामिल होता है.
    राज्य का टैक्स: अंत में राज्य सरकारें अपना टैक्स लगाती हैं. चूंकि यह प्रतिशत में होता है, इसलिए जैसे ही कच्चे तेल का बेस प्राइस बढ़ता है, टैक्स की राशि भी अपने आप बढ़ जाती है. यही कारण है कि हर राज्य में कीमतें अलग-अलग होती हैं. चूंकि पेट्रोल-डीजल फिलहाल GST के दायरे से बाहर हैं, इसलिए इन पर टैक्स का बोझ काफी ज्यादा रहता है.

भारत का रिजर्व आएगा काम?

स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है. भारत की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां कई बार शार्ट टर्म का झटका खुद सहकर अचानक कीमत बढ़ोतरी को टालने की कोशिश करती हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार चाहे तो उत्पाद शुल्क में कटौती कर सकती है, जैसा 2022 में किया गया था. भारत के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) भी हैं, जिनका उपयोग आपूर्ति संतुलित रखने के लिए किया जा सकता है | 

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फरवरी 2026 में कारों की बिक्री में तेजी, Tata की बिक्री 34% और Mahindra की 19% बढ़ी https://gaonlivenews.com/car-sales-continued-to-grow-in-february-2026-with-tata-sales-up-34-and-mahindra-sales-up-19/ https://gaonlivenews.com/car-sales-continued-to-grow-in-february-2026-with-tata-sales-up-34-and-mahindra-sales-up-19/#respond Tue, 03 Mar 2026 04:22:00 +0000 https://gaonlivenews.com/340  मुंबई 

फरवरी 2026 के खत्म होते ही पैसेंजर व्हीकल्स निर्माता कंपनियों ने डीलरों को बेहतर बिक्री की जानकारी दी है, जिससे यह पता चलता है कि दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं के बावजूद सभी सेगमेंट में डिमांड स्थिर है. कंपनियों की बिक्री ग्रोथ को काफी हद तक यूटिलिटी व्हीकल्स के माध्यम से सपोर्ट मिला, जो घरेलू मार्केट में छोटी कार सेगमेंट से बेहतर परफॉर्म कर रही हैं.

ज़्यादातर बड़े मैन्युफैक्चरर्स ने साल-दर-साल बढ़त दर्ज की है, जिससे यह पता चलता है कि कस्टमर डिमांड मज़बूत बनी हुई है. इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स ने महीने के दौरान हेल्दी रिटेल मोमेंटम और कंट्रोल्ड डीलर इन्वेंट्री लेवल की ओर भी इशारा किया.

Maruti Suzuki की बिक्री
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने फरवरी में घरेलू पैसेंजर व्हीकल्स की 1,61,000 यूनिट्स की होलसेल बिक्री की, जो एक साल पहले की 1,60,791 यूनिट से थोड़ी ज़्यादा है. जहां कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में बिक्री कम दर्ज हुई, वहीं यूटिलिटी गाड़ियों की बिक्री पिछले साल के 65,033 यूनिट से बढ़कर 72,756 यूनिट हो गई.

इससे कंपनी का ओवरऑल परफॉर्मेंस बेहतर रहा. बिक्री के बारे में कंपनी ने कहा कि इस महीने कुल बिक्री 2.14 लाख यूनिट रही, जिसमें घरेलू होलसेल बिक्री 1.64 लाख यूनिट और रिटेल बिक्री साल-दर-साल 12 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि डीलर इन्वेंट्री 12 दिन की रही. कंपनी ने बताया कि मिडिल ईस्ट से इसके एक्सपोर्ट का लगभग 12.5 प्रतिशत हिस्सा आता है, और शिपमेंट लगभग 100 देशों में अलग-अलग तरह के होते हैं.

Tata Motors की बिक्री
इसके अलावा, Tata Motors Passenger Vehicles की बिक्री पर नजर डालें तो कंपनी ने फरवरी 2026 में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 34 प्रतिशत की ज्यादा बिक्री दर्ज की है, जोकि 62,329 यूनिट्स की रही, जो इसके पोर्टफोलियो में निरंतर मांग को दर्शाता है.

Mahindra & Mahindra की बिक्री
स्वदेशी एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra & Mahindra की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने बताया कि घरेलू यूटिलिटी व्हीकल्स की बिक्री में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कंपनी ने 60,018 यूनिट्स की बिक्री की, जो SUV सेगमेंट में लगातार बढ़ोतरी को दिखाता है.

Hyundai, Toyota और Kia की बिक्री

Hyundai Motor India ने घरेलू बिक्री में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 52,407 यूनिट्स की बिक्री की.

वहीं, Toyota Kirloskar Motor की घरेलू बिक्री 16 प्रतिशत बढ़कर 30,737 यूनिट्स हो गई.

इसके अलावा, Kia India की बात करें तो कंपनी ने फरवरी 2026 में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल करते हुए, 27,610 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जबकि बीते साल इस समयावधि में यह बिक्री 25,026 यूनिट्स की थी.

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Amazon ने कम की फीस, अब सस्ती होगी ऑनलाइन शॉपिंग, लाखों ग्राहकों को होगा लाभ https://gaonlivenews.com/amazon-has-reduced-fees-making-online-shopping-cheaper-benefiting-millions-of-customers/ https://gaonlivenews.com/amazon-has-reduced-fees-making-online-shopping-cheaper-benefiting-millions-of-customers/#respond Tue, 03 Mar 2026 04:11:00 +0000 https://gaonlivenews.com/342 नई दिल्ली

Amazon India ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके बाद कस्टमर और सेलर को दोनों को फायदा होगा. नए फैसले के बाद 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट पर 20 परसेंट शिंपिंग चार्ज में कटौती होने जा रही है. ऐमेजॉन के इस फैसले के फायदा सेलर और कस्टमर दोनों को होगा |

16 मार्च से 300-1000 रुपये की कीमत वाले प्रोडक्ट के लिए अपनी जीरो रेफरल फीस स्ट्रक्चर को एक्सपेंड किया गया है. इसमें 1,800 कैटेगरी के प्रोडक्ट्स शामिल हैं |

रेफरल फीस क्या होती है?

रेफरल फीस, असल में वह कमीशन होता है जिसको अमेरिका बेस्ड कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर सेल होने वाले हर एक आइटम के लिए वसूली करती है. यह प्रोडक्ट की कीमत के 2% से 16.5%  होती है|

बीते साल अप्रैल ऐमेजॉन इंडिया ने 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट पर लगने वाले सेलर रेफरल फीस को खत्म किया जा चुका है. अब कंपनी इसका दायरा बढ़ाने जा रही है |

फीस रिवाइज में 300 रुपये से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर ईजी शिप फीस में 20 परसेंट की कटौती शामिल की गई है. ईजी शिप के तहत, सेलर्स अपने परिसर में प्रोडक्ट्स स्टोर करते हैं. वहीं, ऐमेजॉन पिकअप और डिलीवरी को संभालता है. ये सर्विस नए सेलर को काफी पसंद भी आ रही है |

बीते साल फ्लिपकार्ट ने भी लिया था फैसला

ऐमेजॉन से पहले फ्लिपकार्ट ने पिछले नवंबर 1,000 से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स के लिए जीरो कमीशन मॉडल शुरू किया था. इसके बाद फ्लिपकार्ट ने इसे अपने हाइपर-वैल्यू प्लेटफॉर्म शॉप्सी पर सभी प्रोडक्ट तक एक्सपेंड कर दिया है, फिर चाहें उनकी कीमत कुछ भी हो|

मीशो ने 2022 में सबसे पहले जीरो-कमीशन मॉडल लॉन्च किया था

वहीं, वैल्यू कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो ने 2022 में सबसे पहले जीरो-कमीशन मॉडल लॉन्च किया था. मीशू के इस मॉडल का उद्देश्य छोटे, मीडिया और बड़े बिजनेस को जोड़ना था. मीशो टियर-2 शहरों और उससे आगे के ग्राहकों पर फोकस करता है|

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सोना 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम महंगा, चांदी ने भी लगाए नए रिकॉर्ड https://gaonlivenews.com/gold-prices-rise-by-%e2%82%b910500-per-10-grams-due-to-rising-tensions-in-the-middle-east-silver-also-sets-new-records/ https://gaonlivenews.com/gold-prices-rise-by-%e2%82%b910500-per-10-grams-due-to-rising-tensions-in-the-middle-east-silver-also-sets-new-records/#respond Mon, 02 Mar 2026 09:22:00 +0000 https://gaonlivenews.com/198 ग्वालियर
ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए हमले के असर से एक बार सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखी जा रही है। प्योर सोने के भाव में 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई और सराफा बाजार में सोने के भाव फिर 1.71 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए। वहीं जेवराती सोना 1.59 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बिका। इसके साथ ही चांदी में भी तेजी रही, 10 हजार रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ यह 2.82 लाख रुपए प्रति किलो बिकी। सराफा बाजार में एमसीएक्स के आधार पर सोने और चांदी के भाव तय होते हैं।
युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी

ग्वालियर शहर के सराफा व्यापारियों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच हमले बढ़ते हैं तो भाव में और तेजी आ सकती है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा, युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का दाम 1,59,080 रुपए प्रति ग्राम रहा, जबकि आज 20000 रुपए की बढ़ोतरी के साथ सर्राफा बाजार में चांदी 3,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है।

तेजी लेकिन दोनों धातु अभी रिकॉर्ड भाव से सस्ती

दोनों धातुओं के भाव में तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड भाव से सस्ते बिक रहे हैं। सोना रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1 लाख 84 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम था। वहीं चांदी का रिकॉर्ड भाव उसी दिन 4 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो था, यानी चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.23 लाख रुपए सस्ती बिक रही है।

निवेशकों में डर का माहौल
बीते दो दिनों से माहैल बदला हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और तेहरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित (Safe-Haven) मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

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बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से निकली चिंगारी, खड़ी हो गई ट्रेन https://gaonlivenews.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8/ https://gaonlivenews.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8/#respond Tue, 13 Jun 2023 11:04:11 +0000 https://gaonlivenews.com/?p=52 दरभंगा से नई दिल्ली जा रही है बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12565) के स्लीपर कोच के पहिए से चिंगारी निकलने लगी। पहिए भी जाम हो गए और ट्रेन खड़ी हो गई। कोच के नीचे से धुंआ उठता देख अफरा-तफरी मच गई। यात्री बोगियों से उतरकर पटरी पर आ गए। ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड ने ब्रेक को ठीक किया।

करीब आधे घंटे बाद ट्रेन रवाना हो सकी। जानकारी के मुताबिक, सहजनवां से दो किलोमीटर आगे जोन्हिया रेलवे गेट नंबर-171 बी-2 के पास बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस शाम करीब 5:17 बजे पहुंची थी। इस बीच स्लीपर कोच एस-2 के ब्रेक और पहिए के बीच से चिंगारी निकलने लगी।

अचानक पहिया जाम हो गया और ट्रेन खड़ी हो गई। दहशत के मारे यात्री कोच से नीचे आ गए। थोड़ी देर तक लोग समझ नहीं पाए कि हुआ क्या है। ट्रेन से यात्रियों के नीचे उतरता देख स्थानीय लोग भी पहुंच गए। ट्रेन में मौजूद मैकेनिक रोशन, लोको पायलट और गार्ड ने मिलकर पहिए और ब्रेक के घर्षण से निकल रही चिंगारी पर काबू पाया। इसके बाद ब्रेक को ठीक करके ट्रेन को रवाना किया।

कुछ दिन पहले हुए उड़ीसा रेल हादसे के चलते ट्रेन में बैठे यात्री डर गए। यात्रियों ने बताया कि जैसे ही चिंगारी निकलने की सूचना मिली तो वे डर गए। ट्रेन चलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।

सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अमित सिंह और सहजनवां थानाध्यक्ष महेंद्र मिश्र भी पहुंच गए। बताया जा रहा है कि डर के चलते कुछ यात्री परिजनों के साथ सामान लेकर भीटी रावत हाईवे पर पहुंच गए और वाहन पकड़ कर आगे की यात्रा पर निकल गए।

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