छत्तीसगढ़ Archives - Gaon Live News https://gaonlivenews.com/category/states/cg-news/ www.gaonlivenews.com Thu, 05 Mar 2026 06:31:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली https://gaonlivenews.com/chief-minister-vishnu-dev-sai-played-holi-with-officials-and-employees/ https://gaonlivenews.com/chief-minister-vishnu-dev-sai-played-holi-with-officials-and-employees/#respond Thu, 05 Mar 2026 06:31:00 +0000 https://gaonlivenews.com/664 रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पूरे उत्साह और उमंग के साथ होली का पर्व मनाया। पारंपरिक फाग गीतों और हर्षोल्लास के वातावरण में रंग और उल्लास से सराबोर इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं।

अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री साय को गुलाल लगाकर उन्हें बधाई दी, वहीं मुख्यमंत्री साय ने भी आत्मीयता के साथ सभी को गुलाल लगाकर रंगोत्सव की शुभकामनाएँ दीं और स्नेह, विश्वास तथा आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

अधिकारियों-कर्मचारियों संग होली
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मकता की भावना को सुदृढ़ करता है तथा जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी से आत्मीय भेंट कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, साथियों और प्रदेशवासियों के साथ स्नेह, विश्वास और अपनत्व के रंग साझा करना इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों का स्नेह और आशीर्वाद ही जनसेवा के उनके संकल्प को और अधिक सशक्त बनाता है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि रंगों का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और नई ऊर्जा का संचार करे तथा हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करता रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला सहित मुख्यमंत्री सचिवालय एवं निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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सिग्नल ओवरशूट के कारण बिलासपुर में पटरी से गिरे मालगाड़ी के 9 वैगन https://gaonlivenews.com/nine-freight-train-wagons-derailed-in-bilaspur-due-to-a-signal-overshoot/ https://gaonlivenews.com/nine-freight-train-wagons-derailed-in-bilaspur-due-to-a-signal-overshoot/#respond Thu, 05 Mar 2026 06:22:00 +0000 https://gaonlivenews.com/666 बिलासपुर.

बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर सिग्नल ओवरशूट के कारण मालगाड़ी के 9 वैगन पटरी से उतर गए। इस मामले में संबंधित विभाग की टीम ने जांच शुरु कर दी है। पूछताछ में चालक का कहना है कि जिस समय यह घटना हुई उस समय ट्रेन की स्पीड केवल 40 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इसके अलावा उसे आगे की स्थिति की कोई भी जानकारी नहीं है।

बिलासपुर रेल मंडल में ट्रेन के डिरेलमेंट और एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन के बीच आपसी टक्कर की घटनाएं कम नहीं हो रही है। आटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली के बावजूद रेल प्रशासन भी घटना पर किसी तरह का कोई काबू नहीं कर पा रही है। बिलासपुर रेल मंडल के सिस्टम को सीआरएस ने भी खराब बताया है, जिसके बाद भी कोई सुधार कार्य नहीं हो रहा है। जानकारी के अनुसार 26 फरवरी को चालक प्रमोद कुमार और सहायक चालक महाकेश मीणा बिजूरी से खाली एन बाक्स मालगाड़ी लेकर रवाना हुए थे। सोनपुर स्टेशन पार करने के बाद अचानक बीपी प्रेशर ड्राप हुआ और गाड़ी देर रात 2 बजकर 52 मिनट पर अचानक खड़ी हो गई।

अचानक मालगाड़ी के खड़े होने पर चालक ने सहायक चालक को चेक करने के लिए भेजा। सहायक चालक ने देखा कि इंजन से 13वां, 14वां, 15वां, 16वां, 17वां, 18वां, 19वां वैगन एवं ब्रेकवैन से दूसरा और तीसरा वैगन पटरी से उतर गया है। जांच में चालक से पूछताछ की गई, जिन्होंने मालगाड़ी और इंजन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने, अचानक बीपी प्रेशर ड्राप होकर गाड़ी खड़ी होने और पटरी से उतरने के अलावा गाड़ी की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति रफ्तार की होने की जानकारी दी। इसके अलावा अन्य प्रश्नों के संबंध में उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया। फिलहाल इस मामले में विभागीय टीम के अफसर अपनी जांच करने के बाद आगे की रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी

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स्कूल गार्डन बना पोषण का आधार, छात्रों को मिल रही हरी-भरी सेहत https://gaonlivenews.com/school-gardens-have-become-a-source-of-nutrition-providing-students-with-greener-healthier-lives/ https://gaonlivenews.com/school-gardens-have-become-a-source-of-nutrition-providing-students-with-greener-healthier-lives/#respond Thu, 05 Mar 2026 05:01:00 +0000 https://gaonlivenews.com/688 रायपुर

बच्चों को मिल रहा पौष्टिक आहार विद्यालय की बगिया से

विद्यालय की बगिया से थाली तक एक अनूठी पहल है, जिसमें छात्र स्कूल परिसर में उगी ताजी, जैविक सब्जियां सीधे अपने मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) में खाते हैं। यह न केवल पौष्टिक आहार सुनिश्चित करता है, बल्कि छात्रों को प्रकृति, श्रम और खेती का व्यावहारिक ज्ञान भी देता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं।

बच्चों को मिल रहा पौष्टिक आहार विद्यालय की बगिया से 

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर के विद्यालयों में किचन गार्डन की एक अनूठी पहल बच्चों के पोषण और व्यावहारिक शिक्षा दोनों को नई दिशा दे रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशन एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला पतरापाली का किचन गार्डन पोषण सुदृढ़ीकरण का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। विद्यालय परिसर में शिक्षकों के मार्गदर्शन में विकसित इस बगीचे से नियमित रूप से ताज़ी एवं पौष्टिक सब्जियाँ प्राप्त हो रही हैं, जिन्हें मध्यान्ह भोजन में शामिल कर विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक किचन गार्डन से लगभग 4 किलोग्राम ताज़ी सेमी (फली) की तुड़ाई की।
         
बच्चों ने स्वयं पौधों की देखभाल, सिंचाई, निदाई-गुड़ाई और तुड़ाई जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे उन्होंने श्रम का महत्व तो समझा ही, साथ ही कृषि एवं पर्यावरण के प्रति व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित किया। विद्यालय के शिक्षक योगेश साहू ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना, जैविक खेती के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। ताज़ी सब्जियों के उपयोग से मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसका बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है।
        
विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में प्रकृति प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करती हैं। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक कृष्णकुमार यादव, अनिता सिंह, योगेश साहू, रघुनाथ जायसवाल सहित अभिभावकगण एवं स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएँ बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। विद्यालय प्रशासन ने संकल्प व्यक्त किया है कि आगे भी किचन गार्डन में विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती जारी रखी जाएगी, ताकि बच्चों को पोषण और ज्ञान दोनों निरंतर मिलते रहें।

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कच्चे से पक्के आशियाने का सफर, जनमन योजना ने रनिया बाई को दिया सम्मानभरा जीवन https://gaonlivenews.com/from-a-kutcha-house-to-a-permanent-home-the-jan-man-yojana-gave-rania-bai-a-life-of-dignity/ https://gaonlivenews.com/from-a-kutcha-house-to-a-permanent-home-the-jan-man-yojana-gave-rania-bai-a-life-of-dignity/#respond Wed, 04 Mar 2026 14:52:00 +0000 https://gaonlivenews.com/658 रायपुर

कभी भिक्षाटन और दिहाड़ी मजदूरी से जीवन यापन करने वाली श्रीमती रनिया बाई के परिवार के लिए हर दिन एक नई चुनौती लेकर आता था। कोरिया जिला के बैकुण्ठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़तर में रहने वाला यह परिवार कच्ची झोपड़ी में मौसम की मार झेलते हुए जीवन गुजार रहा था। पति अवतार साय के साथ रनिया बाई को जब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत अकुशल श्रम में रोजगार मिलने लगा, तब कुछ राहत मिली, लेकिन स्थायी आवास का सपना अब भी दूर था।

परिस्थितियां तब बदलीं जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी पहल पर संचालित ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना‘ के अंतर्गत उन्हें पक्के मकान के लिए सहायता स्वीकृत हुई। ग्राम पंचायत के सहयोग और अपनी मेहनत से उन्होंने नया पक्का घर बनाया। अब उनके पास सुरक्षित आवास और शौचालय की सुविधा है। रनिया बाई बताती हैं कि बरसात की रातें अब चिंता में नहीं, सुकून में गुजरती हैं। बच्चों के भविष्य को लेकर भी मन में विश्वास जागा है। सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि अंत्योदय राशन कार्ड से नियमित खाद्यान्न और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा ने उनके जीवन को स्थिरता दी है। साथ ही राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ भी मिल रहा है।  

शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिलने से एक निराश्रित परिवार की जिंदगी में आशा, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया अध्याय जुड़ गया है।

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जल संरक्षण के साथ ही ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम https://gaonlivenews.com/water-conservation-and-an-effective-means-of-enhancing-rural-livelihoods/ https://gaonlivenews.com/water-conservation-and-an-effective-means-of-enhancing-rural-livelihoods/#respond Wed, 04 Mar 2026 13:22:00 +0000 https://gaonlivenews.com/616 रायपुर

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना: मजबूत हुई आजीविका की राह

जिले के विकासखण्ड लोरमी अंतर्गत ग्राम पंचायत औराबांधा में एक छोटी-सी पहल ने ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत हितग्राही किसान किशन सिंह के खेत में निर्मित “आजीविका डबरी” आज जल संरक्षण, सिंचाई और मछली पालन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। हितग्राही किशन सिंह ने बताया कि पहले सिंचाई के लिए पानी की कमी बनी रहती थी, लेकिन अब डबरी बनने से खेत में वर्षभर पानी उपलब्ध रहेगा और मछली पालन से आय भी बढ़ेगी।

 जिले में कलेक्टर  कुन्दन कुमार एवं जिला पंचायत सीईओ  प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में आजीविका डबरी न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण आजीविका संवर्धन का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। योजना के तहत स्वीकृत 1.94 लाख रुपये की लागत से इस डबरी का निर्माण कराया गया। कार्य के दौरान कुल 792 मानव दिवस सृजित किए गए, जिससे स्थानीय मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिला और पलायन में कमी आई। निर्मित डबरी अब खेतों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज के माध्यम से सिंचाई सुविधा सुनिश्चित हुई है, जिससे खरीफ और रबी दोनों मौसमों में फसल उत्पादन की संभावना बढ़ी है। पहले जहां पानी की कमी के कारण फसल प्रभावित होती थी, वहीं अब किसान आत्मविश्वास के साथ बहुफसली खेती की ओर अग्रसर है।

साथ ही, डबरी में मछली पालन की योजना से अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत विकसित हो रहा है, जो परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रहा है। जिले में आजीविका संवर्धन की दृष्टि से आजीविका डबरी निर्माण की अभिनव पहल व्यापक स्तर पर क्रियान्वित की जा रही है। वर्ष 2025-26 हेतु कुल 285 डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं और 20 पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष कार्यों को मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। यह पहल जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन को एकीकृत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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पिता के संघर्ष को मिला साथ – चिरायु योजना ने बचाई अंजलि की जिंदगी https://gaonlivenews.com/fathers-struggle-was-supported-the-chirayu-yojana-saved-anjalis-life/ https://gaonlivenews.com/fathers-struggle-was-supported-the-chirayu-yojana-saved-anjalis-life/#respond Wed, 04 Mar 2026 11:46:00 +0000 https://gaonlivenews.com/576 रायपुर

 छत्तीसगढ़ शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी चिरायु योजना (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) आज प्रदेश में उन मासूमों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रही है, जो आर्थिक अभाव और सूचना की कमी के कारण इलाज की राह देख रहे थे। बस्तर की जटिल भौगोलिक परिस्थितियों और सुदूर वनांचल ग्रामों में जहाँ शिक्षा और सुगम आवागमन आज भी एक चुनौती है, वहां यह योजना न केवल बीमारियों की पहचान कर रही है, बल्कि बच्चों को उनके स्वास्थ्य का अधिकार दिलाकर धरातल पर एक सुखद बदलाव ला रही है।

विकासखंड बस्तर के ग्राम भोंड की 6 वर्षीय बालिका अंजलि कश्यप की कहानी इसी संकल्प की एक जीवंत मिसाल है, जो जन्मजात नाक के बाहरी ट्यूमर जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी।

अंजलि के परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा जब इलाज की प्रारंभिक प्रक्रिया के दौरान ही उसके पिता का निधन हो गया। इस वज्रपात के बाद शिक्षा की कमी और घर की बिगड़ती आर्थिक स्थिति ने माँ देवकी को इतना हताश कर दिया कि उन्होंने सर्जरी का विचार त्याग दिया और इलाज के लिए स्पष्ट मना कर दिया। ऐसी कठिन परिस्थिति में चिरायु टीम ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा।

डॉ. गौरव चौरसिया और डॉ. रेखा जैन के नेतृत्व में समर्पित चिकित्सा दल ने बार-बार अंजलि के घर जाकर परिवार को भावनात्मक संबल दिया और बीमारी की गंभीरता समझाते हुए उन्हें उपचार के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समन्वय से न केवल निःशुल्क इलाज का भरोसा दिलाया गया, बल्कि दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद चिरायु वाहन के माध्यम से अंजलि को जिला अस्पताल महारानी जगदलपुर तक पहुँचाया गया। इस दौरान टीम ने बालिका का आयुष्मान कार्ड बनवाने में भी पूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। अंततः 12 मई 2024 को रायपुर के नवकार हॉस्पिटल में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रमेश जैन द्वारा बालिका की सफल सर्जरी संपन्न की गई, जिससे अंजलि को एक नया चेहरा और नया जीवन प्राप्त हुआ।

इस पूरी प्रक्रिया की सफलता में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले का विशेष योगदान रहा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सु रीना लक्ष्मी के सटीक समन्वय से योजना का लाभ समय पर सुनिश्चित हुआ। वहीं जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र प्रबंधक  शिवम पाराशर द्वारा केस की निरंतर मॉनिटरिंग और वाहन प्रबंधन किया गया, जबकि खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण सिंह नाग और बीपीएम  राजेन्द्र कुमार बघेल ने जमीनी स्तर की बाधाओं को दूर किया। आज अंजलि पूर्णतः स्वस्थ है और उसकी खिलखिलाती मुस्कान चिरायु योजना की सार्थकता का प्रमाण दे रही है। अंजलि की माँ और समस्त ग्रामीणों ने शासन की इस कल्याणकारी पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे बस्तर के वनांचल में उम्मीद की एक नई किरण बताया है।

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पानी की जंग से मिली आज़ादी: जल जीवन मिशन ने बदली फुलमत बाई की तकदीर https://gaonlivenews.com/freedom-from-the-battle-for-water-jal-jeevan-mission-changed-phulamat-bais-destiny/ https://gaonlivenews.com/freedom-from-the-battle-for-water-jal-jeevan-mission-changed-phulamat-bais-destiny/#respond Wed, 04 Mar 2026 11:12:00 +0000 https://gaonlivenews.com/590 रायपुर

जल जीवन मिशन से बदली फुलमत बाई की जिंदगी

आदिवासी बहुल कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नवापारा की 60 वर्षीय फुलमत बाई कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझा करती थीं। घर में नल नहीं होने के कारण उन्हें प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित ढोढ़ी तक जाना पड़ता था। नाले के पास बने उस अस्थायी स्रोत से बड़े बर्तन में पानी भरकर सिर पर लादकर घर लाना उनकी मजबूरी ही नहीं, बल्कि दिनचर्या बन गई थी।

बरसात के दिनों में फिसलन भरे रास्तों पर जोखिम उठाकर ढोढ़ी तक पहुँचना कठिन होता था और गर्मी के मौसम में पानी का स्तर घट जाने पर समस्या और भी विकराल रूप ले लेती थी। बकरी पालन से जीवन यापन करने वाली वृद्धा इस कष्ट को वर्षों से सहती आ रही थीं। लेकिन जल जीवन मिशन के अंतर्गत उनके घर में नल कनेक्शन लगने के बाद उनका जीवन बदल गया। अब रोज सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे उनके नल से नियमित रूप से पानी उपलब्ध होता है। फुलमत बाई कहती हैं कि अब उन्हें ढोढ़ी तक नहीं जाना पड़ता, जिससे उनके समय, श्रम और स्वास्थ्य तीनों की बचत हो रही है।

फुलमत बाई को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये भी प्राप्त होते हैं, जो उनके दैनिक खर्चों में बड़ी सहारा बनते हैं। सरकारी योजनाओं ने मिलकर उनके जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया है।

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कच्चे से पक्के घर तक का सफर: पीएम आवास योजना से शिव शंकर के जीवन में आया बदलाव https://gaonlivenews.com/from-a-kutcha-house-to-a-pucca-house-the-pm-awas-yojana-transformed-shiv-shankars-life/ https://gaonlivenews.com/from-a-kutcha-house-to-a-pucca-house-the-pm-awas-yojana-transformed-shiv-shankars-life/#respond Wed, 04 Mar 2026 11:04:00 +0000 https://gaonlivenews.com/592 रायपुर 

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से सरगुजा जिले के लखनपुर नगर पंचायत में रहने वाले  शिव शंकर का वर्षों पुराना पक्का मकान का सपना साकार हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दृढ़ संकल्प से पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी क्रम में शिव शंकर को योजना अंतर्गत स्वीकृत आवास का लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उनका परिवार अब सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहा है।

कठिन परिस्थितियों से मिली राहत

 शिव शंकर ने बताया कि पहले उनका परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहा करता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों सहित पूरे परिवार को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते पक्का मकान बनवाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए आशा की किरण बनकर आई।

हितग्राही शिव शंकर ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के सहयोग से उन्हें पक्का घर मिला है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षा और स्थायित्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने बच्चों के साथ सुरक्षित वातावरण में सुख-चौन से रह रहे हैं और उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है।

समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सीधे लाभ मिल रहा है।

 

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पानी पहुंचा तो आई मुस्कान, ठरकपुर में विकास की नई कहानी https://gaonlivenews.com/when-water-arrived-smiles-came-a-new-story-of-development-in-tharakpur/ https://gaonlivenews.com/when-water-arrived-smiles-came-a-new-story-of-development-in-tharakpur/#respond Wed, 04 Mar 2026 09:41:00 +0000 https://gaonlivenews.com/544 रायपुर

जल जीवन मिशन से मुंगेली जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम ठरकपुर में हर घर नल, हर घर जल का सपना साकार हुआ है। मिशन के अंतर्गत ठरकपुर में पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। इसके बाद से गांव में न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि पानी की गुणवत्ता और नियमितता भी बेहतर हुई है। अब गांव के हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इसने ठरकपुर की कहानी बदल गई है।

कभी पेयजल संकट से जूझने वाले ठरकपुर की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। एक समय था जब पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी कतारें, मटकों और बाल्टियों के साथ ग्रामीणों की भीड़ तथा गर्मी के दिनों में गांव में जल संकट होता था। पहले पूरा गांव पेयजल के लिए 8 हैंडपंपों के भरोसे था। गर्मियों में जलस्तर गिरने से ये हैंडपंप अक्सर जवाब दे जाते थे, जिससे ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं को दूर-दराज के जल स्रोतों से पानी लाने मजबूर होना पड़ता था।

ठरकपुर की श्रीमती गंगा यादव बताती हैं कि पहले छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर दूर हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। गर्मी में बहुत परेशानी होती थी। अब घर में नल लग गया है, भरपूर पानी मिल रहा है और जीवन आसान हो गया है। नल जल योजना से महिलाओं की मेहनत और समय की बचत हो रही है, जिसे अब वे परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगा पा रही हैं, इससे वहां की महिलाओं के चेहरे में मुस्कान आई है। ठरकपुर में जल जीवन मिशन केवल पानी की व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा और सम्मान का माध्यम बनकर आया है। स्वच्छ जल से बीमारियों में कमी आई है और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

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टेलरिंग के व्यवसाय में पूजा देवांगन को मिला मजबूत आधार https://gaonlivenews.com/pooja-dewangan-has-found-a-strong-foothold-in-the-tailoring-business/ https://gaonlivenews.com/pooja-dewangan-has-found-a-strong-foothold-in-the-tailoring-business/#respond Wed, 04 Mar 2026 09:11:00 +0000 https://gaonlivenews.com/550 रायपुर

कोरबा जिले की रहने वाली पूजा देवांगन आज आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायी मिसाल बन चुकी हैं। सिलाई-कढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ने की उनकी इच्छा ने उन्हें लाईवलीहुड कॉलेज कोरबा तक पहुँचाया, जहाँ से उनके जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन की शुरुआत हुई। उन्होंने सबसे पहले टेलर दर्जी के बेसिक प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। यह उनके लिए वह पहला अवसर था, जिसने आगे उनकी प्रगति को गति दी। सात दिवस का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें चार हजार रुपये की स्टाइपेंड राशि और एक लाख रुपये तक का बिना गारंटर लोन प्राप्त हुआ, जिसके सहारे उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय के काम को आगे बढ़ाना शुरू किया।

अपने कौशल को और निखारने के उद्देश्य से पूजा ने आगे एडवांस टेलर दर्जी प्रशिक्षण में प्रवेश लिया। पंद्रह दिवसीय इस प्रशिक्षण ने उन्हें आधुनिक तकनीकों, नए तरीकों से डिज़ाइन तैयार करने और उन्नत उपकरणों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान उन्हें प्रतिदिन पाँच सौ रुपये के मान से कुल साढ़े सात हजार रुपये स्टाइपेंड और एक हजार रुपये यात्रा भत्ता भी मिला। साथ ही उन्हें दो लाख रुपये तक का बिना गारंटर ऋण स्वीकृत होने का लाभ भी प्राप्त हुआ, जिससे उनके बढ़ते व्यवसाय को मजबूत आधार मिला।

धीरे-धीरे पूजा ने अपने हुनर को कार्य में बदलना शुरू किया और घर पर ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। उनके परिश्रम, प्रशिक्षण से मिले आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता ने मिलकर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया। आज पूजा अपने परिवार की मजबूती का आधार हैं और अपने व्यवसाय को विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनका यह सफर अनेक महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी है कि अवसर, दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो हर महिला आत्मनिर्भर बन सकती है और अपने सपनों को साकार कर सकती है।

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