दिल्ली /NCR Archives - Gaon Live News https://gaonlivenews.com/category/states/ncr/ www.gaonlivenews.com Wed, 04 Mar 2026 14:01:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा महंगा: दिल्ली में जल्द लागू होगा AI-आधारित चालान सिस्टम https://gaonlivenews.com/breaking-traffic-rules-will-be-costly-delhi-will-soon-implement-an-ai-based-challan-system/ https://gaonlivenews.com/breaking-traffic-rules-will-be-costly-delhi-will-soon-implement-an-ai-based-challan-system/#respond Wed, 04 Mar 2026 14:01:00 +0000 https://gaonlivenews.com/608 नई दिल्ली

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का भारत में काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। जल्द ही दिल्ली में ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान भी एआई काट सकता है। दिल्ली की पुलिस अपने ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा बदलाव करने वाली है। ToI की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस AI से चलने वाला इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने पर विचार कर रही है। इसमें स्मार्ट ट्रैफिक लाइट, ऑटोमेटेड चालान और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे आदि शामिल होंगे। इसका मतलब है कि इस सिस्टम के बाद ट्रैफिक पुलिस का काम काफी आसान होने वाला है और ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले अब आसानी से बच नहीं पाएंगे।

दिल्ली में लगेगा AI पावर्ड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
दिल्ली पुलिस शहर में AI पावर्ड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने वाली है। इस सिस्टम के तहत स्मार्ट अडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, ANPR कैमरों की मदद से ट्रैरिफ नियमों के उल्लंघन का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा, ऑटोमेटेड चालान काटे जाएंगे। इतना ही नहीं, रियल टाइम में ट्रैफिक फ्लो को रेगुलेट करने में भी मदद मिलेगी। यह सिस्टम ट्रैफिक कर्मचारियों के मैनुअल काम को कम करेगा। रिपोर्ट की मानें तो अधिकारियों का कहना है कि इसका लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार, स्केल करने वाला और टेक्नोलॉजी से चलने वाला ट्रैफिक इकोसिस्टम बनाना है, जो ट्रैफिक को बेहतर बनाए।

कैमरा करेगा नियम तोड़ने वालों की पहचान
ToI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिस्टम की खासियत ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे हैं। यह ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाली गाड़ियों की पहचान करेगा। इसका मतलब है नियमों का उल्लंघन का जल्द और आसानी से पता लगाया जा सकेगा। सिस्टम की मदद से तुरंत चालान बनेगा, मैन्युअल जांच पर निर्भरता कम होगी और बेहतर कंप्लायंस होगा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह सिस्टम एडवांस्ड एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के आधार पर चलेगा।

क्या है उद्देश्य?
इस प्लान के लागू होने के बाद दिल्ली में रोज गाड़ियों से यात्रा करने वाले को बड़ी रहात मिलेगी। यह सिस्टम रियल-टाइम ट्रैफिक रिपोर्ट देगा। इसकी वजह से लोग अपनी यात्रा की प्लानिंग अच्छे से कर पाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इससे यात्रा का समय कम हो सकता है, फ्यूल की भी बचत हो सकती है, गाड़ियों से निकलने वाला एमिशन भी कम हो सकता है। हालांकि, यह सिस्टम कब लागू किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल, यह एक प्रस्तावित प्लान है।

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सावधान दिल्ली-एनसीआर! आपकी सोचने-समझने की क्षमता पर मंडरा रहा है एक खतरनाक खतरा https://gaonlivenews.com/beware-delhi-ncr-a-dangerous-threat-looms-over-your-thinking-and-understanding-abilities/ https://gaonlivenews.com/beware-delhi-ncr-a-dangerous-threat-looms-over-your-thinking-and-understanding-abilities/#respond Wed, 04 Mar 2026 12:51:00 +0000 https://gaonlivenews.com/624 लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के साथ बढ़ती पर्यावरणीय समस्याएं कई तरह की बीमारियां बढ़ाती जा रही हैं। कम उम्र में ही दिल की बीमारी-हार्ट अटैक का खतरा हो या बढ़ते डायबिटीज और कैंसर के मामले, ये सभी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता का कारण बने हुए हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि हाल के वर्षों में याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर करने वाली बीमारियों जैसे अल्जाइमर रोग-डिमेंशिया के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। आमतौर पर ये समस्याएं उम्रदराज लोगों, विशेषकर 60 साल के बाद वालों में अधिक देखी जाती रही हैं। हालांकि कई रिपोर्ट्स अलर्ट करते हैं कि अब 50 की उम्र में भी लोगों में अल्जाइमर के लक्षण देखे जा रहे हैं।

कहीं आपकी भी  याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता कमजोर न हो जाए? दिल्ली जैसे शहरों में रहने वाले लोगों में इसका खतरा और भी देखा जा रहा है, आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? आइए जान लेते हैं।

वायु प्रदूषण के कारण अल्जाइमर रोग का खतरा
अध्ययनकर्ताओं की एक टीम ने अलर्ट किया है कि जो लोग वायु प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहते हैं, उनमें अल्जाइमर रोग होने का खतरा भी अधिक हो सकता है।

अल्जाइमर एक गंभीर मस्तिष्क विकार है जो याददाश्त, सोचने की क्षमता और व्यवहार के तरीके को प्रभावित करती है। ऐसे लोगों में डिमेंशिया होने का जोखिम भी अधिक देखा जाता रहा है। यह मस्तिष्क कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी है, जिससे सोचने-समझने में कठिनाई, दैनिक कार्यों में असमर्थता और व्यवहार में बदलाव जैसे गुस्सा या उलझन जैसे लक्षण होते हैं।

यूएस में 27.8 मिलियन (2.78 करोड़) से अधिक लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से सीधे तौर पर अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ सकता है।
 
    हाइपरटेंशन और स्ट्रोक जैसी पुरानी बीमारियों की तुलना में वायु प्रदूषण के संपर्क को इस बीमारी के लिए ज्यादा खतरनाक माना गया है।
     जिन लोगों को पहले से ब्रेन स्ट्रोक की समस्या रही है, ऐसे लोगों में  एयर पॉल्यूशन का असर और भी गंभीर हो सकता है।
    भारत में बढ़ता वायु प्रदूषण, विशेषतौर पर दिल्ली जैसे शहरों में देखा जा रहा प्रदूषण का खतरा इस बीमारी की चिंता को और बढ़ाने वाला हो सकता है।

अध्ययन में क्या पता चला?
प्लस वन मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में प्रकाशित रिपोर्ट से पता चलता है कि अल्जाइमर रोग के खतरे कम को करने के लिए वायु प्रदूषण से बचाव जरूरी है।

जॉर्जिया स्थित एमोरी यूनिवर्सिटी की टीम ने कहा कि एयर क्वालिटी में सुधार डिमेंशिया को रोकने का एक जरूरी तरीका हो सकता है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने साल 2000-2018 के दौरान 65 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया।
 
    शोधकर्ताओं ने कहा, इस दौरान लगभग 30 लाख अल्जाइमर रोग के मामलों की पहचान की गई।
    लेखकों ने कहा कि पीएम 2.5 के अधिक संपर्क वाली आबादी में अल्जाइर रोग और डिमेंशिया का खतरा ज्यादा देखा गया।
    पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों के प्रति 3.8 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की बढ़ोतरी से दिमाग की बीमारियों का खतरा और भी बढ़ता देखा गया है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण (पीएम2.5) के अधिक संपर्क में रहने से हाइपरटेंशन, डिप्रेशन और स्ट्रोक होने का खतरा भी समय के साथ बढ़ता जाता है। ऐसे लोगों में मेंटल हेल्थ की समस्या जैसे स्ट्रेस और डिप्रेशन होने का जोखिम भी ज्यादा देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों ने कहा, ब्रेन की सेहत पर प्रदूषक तत्वों का गहरा असर होता है। अगर व्यापक उपाय अपनाकर प्रदूषण को कम कर लिया जाए तो इससे कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

 

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अब जानवर खुद बताएँगे अपनी कहानी! दिल्ली चिड़ियाघर में बाड़ों के बाहर लगे QR कोड https://gaonlivenews.com/now-animals-will-tell-their-own-stories-qr-codes-installed-outside-enclosures-at-delhi-zoo/ https://gaonlivenews.com/now-animals-will-tell-their-own-stories-qr-codes-installed-outside-enclosures-at-delhi-zoo/#respond Wed, 04 Mar 2026 12:02:00 +0000 https://gaonlivenews.com/572 नई दिल्ली

चिड़ियाघर में घूमने आए विजिटर्स अब वन्यजीवों के बाड़े के बाहर QR कोड वाले साइन बोर्ड से वन्यजीवों की सारी जानकारी तुरंत पढ़ सकेंगे। रेनोवेशन और विजिटर्स की सुविधा के लिए नए साइन बोर्ड बदलने के साथ पहली बार कई साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। 1000 से अधिक साइन बोर्ड लगाने का काम शुरू हो चुका है।

नाम के साथ लगे होंगे QR कोड
20 बीटों के 72 बाड़ों में 96 प्रजातियों के करीब 1300 वन्यजीव रह रहे हैं। नए साइन बोर्ड में उस जानवर के नाम की जानकारी के साथ QR कोड लगे होंगे। मोबाइल से कोड स्कैन करने पर जानवरों की सारी जानकारी मिल जाएगी। चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने बताया कि इससे वाइल्डलाइफ और पर्यावरण के प्रति लोगों का रूझान बढ़ाने के उद्देश्य में सफलता मिलेगी।

चिड़िया घर में लगाए जाएंगे नए बोर्ड
चिड़ियाघर के ज्यादातर साइन बोर्ड बहुत पुराने हो चुके थे। कई बोर्ड में ठीक से पढ़ा भी नहीं जा पा रहा था। खतरनाक जानवर की सूचना देते हुए बाड़े की रेलिंग से दूर रहने आदि के करीब 100 वॉर्निंग साइन बोर्ड, बाड़ों में बंद जानवरों के नाम के 200 से अधिक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।

रिक्शा स्टॉप पर भी बोर्ड
बैटरी रिक्शा स्टॉप पर भी नए साइन बोर्ड लगेगे। अभी उनकी हालत बहुत ठीक नहीं है। कई जगह साइन बोर्ड नहीं है। लेकिन विजिटर को बैटरी रिक्शा लेने के लिए अब इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। चिड़ियाघर के कई रास्तों की जानकारी देते हुए भी बोर्ड लगाए जा रहे है। किस रास्ते पर किस जानवर का बाड़ा है, इसकी जानकारी भी साइन बोर्ड से दी जाएगी। इससे चिड़ियाघर घूमने आए लोगों को अपना रूट तय करने में आसानी मिलेगी। उन्हें अपनी पसंद के जानवरों को ढूंढ़ने में अब ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा।

हाथी से बाघ तक, एक दिन के लिए भी ले सकेंगे गोद
चिड़ियाघर अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए ‘वन्यजीव गोद’ योजना में बड़े सुधार करने जा रहा है। अब आप किसी वन्यजीव को एक दिन के लिए भी गोद ले सकते हैं। तिमाही और छमाही समय तक के लिए भी गोद लिया जा सकता है। मार्च से यह योजना चालू हो रही है। इसके तहत वन्यजीव की खुराक और रखरखाव का खर्चा शामिल है। 2022 में शुरू हुई वन्यजीव गोद योजना के तहत एक साल और दो साल की अवधि के लिए वन्यजीवों को गोद लिया जा सकता था।

आमदनी बढ़ाने के लिए बदला जा रहा टाइम
योजना सफल नहीं रही। गिनी-चुनी बड़ी कंपनियों ने ही बामुश्किल आधा दर्जन वन्यजीवों को गोद लिया था। अफ्रीकी शंकर हाथी को भी गोद लिया गया था, जिसकी पिछले साल मौत हो चुकी है। चिड़ियाघर के डायरेक्टर डॉ संजीव कुमार ने बताया कि आमदनी बढ़ाने के लिए वन्यजीव गोद योजना की समय अवधि को बदला जा रहा है।

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राजधानी में लूट का खेल खत्म: मायापुरी से 5 आरोपी दबोचे गए https://gaonlivenews.com/the-robbery-spree-in-the-capital-is-over-five-accused-arrested-in-mayapuri/ https://gaonlivenews.com/the-robbery-spree-in-the-capital-is-over-five-accused-arrested-in-mayapuri/#respond Tue, 03 Mar 2026 14:06:00 +0000 https://gaonlivenews.com/440 पश्चिमी दिल्ली

पश्चिमी दिल्ली के मायापुरी थाना पुलिस ने पिस्टल के बल पर लूटपाट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के पांच आरोपितों को दबोचकर उनके कब्जे से अवैध हथियार और चोरी के वाहन बरामद किए हैं।

उपायुक्त डी शरद भास्कर ने बताया कि इस कार्रवाई से पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की है। पकड़े गए आरोपितों पहचान निखिल (23), मोहम्मद आमिर (19), संदीप कश्यप (26), सूरज चौपाल उर्फ चौपाल (21) और रोशन उर्फ कालू (24) के रूप में हुई है।

26 फरवरी को मायापुरी इलाके में लूट की एक वारदात की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ मोहिंदर पाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अपराधियों के भागने के रूट का पता लगाया।

तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों की तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक देसी पिस्टल, 06 जिंदा कारतूस, जनकपुरी इलाके से चोरी की गई एक स्कूटी बरामद की है।

पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दो महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों को सुलझाने का दावा किया है। इनमें से एक मामला मायापुरी में हुई हालिया लूट का है, जबकि दूसरा मामला जनकपुरी से स्कूटी चोरी से जुड़ा है। पुलिस अब इन आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इनके अन्य साथियों और पिछली वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

 

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राजधानी में बस सफर आसान: पिंक कार्ड से फ्री यात्रा, ब्लू-ऑरेंज कार्ड किसे मिलेगा? https://gaonlivenews.com/bus-travel-in-the-capital-is-easy-free-travel-with-pink-card-who-will-get-blue-orange-card/ https://gaonlivenews.com/bus-travel-in-the-capital-is-easy-free-travel-with-pink-card-who-will-get-blue-orange-card/#respond Mon, 02 Mar 2026 16:32:00 +0000 https://gaonlivenews.com/314 नई दिल्ली
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने महिलाओं और 'ट्रांसजेंडर'को मुफ्त बस सफर का लाभ देने के लिए 'पिंक सहेली कार्ड' योजना की शुरुआत कर दी है। अब बिना कार्ड महिलाएं मुफ्त बस सफर का लाभ नहीं ले सकती हैं। 'पिंक सहेली' कार्ड बनवाने के लिए राजधानी में लगभग 50 सेंटर स्थापित किए जाएंगे। पिंक कार्ड कागज आधारित गुलाबी टिकट का स्थान लेगा।

अरविंद केजरीवाल की अगुआई में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में महिलाओं के लिए बस सफर को मुफ्त कर दिया था। भाजपा सरकार ने इसका लाभ जारी रखा, लेकिन पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तरीके में बदलाव किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कई बार आरोप लगा चुकी हैं कि आम आदमी पार्टी के शासन में पिंक टिकट के जरिए भारी भ्रष्टाचार किया गया।

दिल्ली सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कार्ड जारी करने के लिए डीएम ऑफिस समेत करीब 50 केंद्र और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के कुछ चयनित स्थानों को अधिकृत किया जाएगा। प्रत्येक पिंक कार्ड लाभार्थी के मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ा होगा, जिससे आयु, लैंगिक पहचान और दिल्ली में निवास होने की पुष्टि की जा सकेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां आयोजित एक समारोह में 'पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड' और महिलाओं से जुड़ी दिल्ली सरकार की तीन अन्य कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की।

डीटीसी बस के अलावा मेट्रो और नमो भारत में भी होगा सफर
योजना के तहत दिल्ली की निवासी पात्र महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके अलावा इस कार्ड का उपयोग दिल्ली मेट्रो और रिजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सशुल्क यात्रा के लिए किया जा सकेगा।

तीन रंग के कार्ड
इस योजना के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी किए जाएंगे। पात्र महिला के लिए पिंक, सामान्य यात्रियों के लिए 'ब्लू' और मासिक पास के लिए 'ऑरेंज' कार्ड होंगे। पहले चरण में 'पिंक' और 'ब्लू' कार्ड जारी किए जाएंगे, जबकि 'ऑरेंज' कार्ड बाद में लाया जाएगा। डीटीसी ने कार्ड जारी करने के लिए 'हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड' (मुफिनपे) और 'एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड' को अधिकृत किया है। ये कार्ड राष्ट्रीय राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में मौजूदा स्वचालित किराया वसूली प्रणाली से एकीकृत होंगे।

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